राम मंदिर का भूमि पूजन

राम मंदिर का भूमि पूजन

राम मंदिर का भूमि पूजन 5 अगस्त इलाहबाद कोर्ट ने खारिज की  विरोध की याचिका 

अयोध्या में 5 अगस्त को राम मंदिर के भूमि पूजन का रास्ता साफ हो गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस भूमि पूजन को रोकने के लिए दायर याचिका को ठुकरा दिया है।

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए पांच अगस्त को प्रस्तावित भूमि पूजन पर रोक लगाने की मांग को लेकर दाखिल याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि याचिका सिर्फ आशंकाओं पर आधारित है इसमें कोई तथ्य नहीं है।
साकेत गोखले की याचिका पर मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर तथा न्यायमूर्ति एसडी सिंह की पीठ ने कहा है कि याचिका कल्पनाओं पर आधारित है। फिर भी कोर्ट ने आयोजकों व राज्य सरकार से अपेक्षा की है कि वे सोशल व शारीरिक दूरी बनाए रखने के दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्यक्रम करेंगे।

ये हैं चांदी की 5 शिलाएं, जानिए पूरा प्रोग्राम

  

रामलला के मुख्य अर्चक आचार्य सत्येंद्रदास ने बताया कि प्रधानमंत्री 32 सेकंड में नंदा, जया, भद्रा, रिक्ता और पूर्णा के रूप में 5 शिलाओं का पूजन करेंगे और उन्हें मंदिर की नींव में स्थापित करेंगी। ये शिलाएं चांदी की होंगी और ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपालदास ने इन्हें तैयार करवाया है।

आचार्य सत्येंद्रदास के अनुसार, शिलाओं का पूजन तो पहले हो जाएगा, परंतु पीएम मोदी शिलाओं को नींव में 32 सेकंड के सुनिश्चित मुहूर्त की अवधि में ही स्थापित करेंगे। भूमिपूजन अनुष्ठान का संयोजन कर रहे आचार्य इंद्रदेव ने बताया, अनुष्ठान की शुरुआत सोमवार को सुबह 10 बजे गणपति पूजन से होगी। अगले दिन यानी मंगलवार को रामार्चा पूजन एवं रामार्चा की कथा के साथ नवग्रह पूजन होगा।

5 अगस्त को प्रधानमंत्री के परिसर में प्रवास की अवधि पूर्वाह्न 11 बजे से मध्याह्न 1 बजे के बीच प्रस्तावित है। प्रधानमंत्री इस अवधि में भूमिपूजन के साथ संतों से बातचीत करेंगे तथा परिसर का निरीक्षण भी कर सकते हैं।